So, you have decided to be job giver – An Entrepreneur तो आपने रोजगार दाता –एक उद्यमी बनने का फैसला कर किया है –

Applying for a loan at a physical location, means that you are approaching just one lender. When you apply for a loan in person, you may need to book an appointment. You could be waiting in a queue. You may have to travel for a while, to reach the lender’s physical premises. किसी एक स्थान पर ऋण के लिए आवेदन करने का मतलब है कि आप सिर्फ एक ऋणदाता के पास जा रहे हैं। जब आप व्यक्तिगत रूप से किसी ऋण के लिए आवेदन करते हैं, तो आपको अपॉइंटमेंट बुक करना पड़ सकता है आपको कतार में इंतजार करना पड़ सकता है। ऋणदाता के कार्यालय तक पहुंचने के लिए आपको थोड़ी यात्रा भी करनी पड़ सकती है।

Before we began the loan journey, remember that business loans can be used for setting up new enterprise or stepping up (expansion, diversification, modernization, technology upgradation). These can be for इससे पहले कि हम ऋण प्रक्रिया प्रारम्भ करें, आप याद रखें कि व्यापारिक ऋण का इस्तेमाल नए उद्यम स्थापित करने या विस्तार (विस्तार, विशाखीकरण, आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी उन्नयन) के लिए किया जा सकता है। यह निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए हो सकता है।

  • Acquisition of factory, land and construction of building spaces, फ़ैक्टरी, भूमि का अधिग्रहण और उत्पादन स्थल का निर्माण
  • Purchase of Plant and Machinery including lab equipment, testing equipment, furniture, electric fittings, etc, प्रयोगशाला उपकरणों, परीक्षण उपकरण, फर्नीचर, विद्युत फिटिंग आदि सहित प्लांट और मशीनरी की खरीद,
  • Meeting working capital requirements, like raw materials, stock-in-progress, finished goods, etc, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करना, जैसे कच्चे माल, स्टॉक-इन-प्रोग्रेस, तैयार माल, आदि,
  • Trade Finance (Bill discounting) – for paying the creditors, while awaiting payment from debtors व्यापारिक वित्त (बिल की भुनाई ) - देनदारों से भुगतान का इंतजार करते हुए, लेनदारों को भुगतान करने के लिए
  • Launch of new product range, expansion of business, warehousing need, credit for marketing and advertising purpose नई उत्पाद शृंखला का शुभारंभ, व्यापार का विस्तार, भंडारण की आवश्यकता, विपणन और विज्ञापन के उद्देश्य के लिए ऋण
  • Additional monitory assistance for any eligible purpose. किसी भी पात्र उद्देश्य के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता।
img
 
launching ceremony

It’s good that you have made up mind for applying business loan online. You will have choices of wider range of lenders (Banks / NBFCs / SFBs/ FinTechs) who can access your application and according to your geographic location the nearest lender may approach you or a fintech from another city may also touch base you. यह अच्छा है कि आपने व्यवसाय ऋण हेतु ऑनलाइन आवेदन करने का मन बनाया है। इससे आपके पास बड़े पैमाने पर ऋणदाताओं (बैंक / एनबीएफसी / एसएफबी / फिनटेक) के विकल्प होंगे जो आपके आवेदन तक पहूंच सकेंगे और आपके भौगोलिक स्थान के अनुसार निकटतम ऋणदाता आपसे संपर्क कर सकते हैं या किसी दूसरे शहर से फिनटेक भी आपसे संपर्क कर सकते हैं।

This means you can apply online 24/7. You can apply even in your spare time at leisure. If you have your budget / documents / information ready, you will find the application forms are easy to fill in. इसका अर्थ है कि आप कभी भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं आप अपनी सुविधा के आधार पर खाली समय में भी आवेदन कर सकते हैं, यदि आपके पास अपना बजट / दस्तावेज / जानकारी तैयार है तो आपके लिए आवेदन फॉर्म भरना आसान होगा।

So... अतएव:

Please Click here for the documents / papers / information required for filling the application faster. कृपया शीघ्र आवेदन को भरने के लिए ज़रूरी दस्तावेज / कागजात की जानकारी / सूचना के लिए यहां क्लिक करें।

Please Click here for applying loan on your chosen portal www.udyamimitra.in upto Rs 10 crore under MSME which is accessible by 145+ lenders (Banks / NBFCs / SFBs/ FinTechs). कृपया अपने चुने हुए पोर्टल www.udyamimitra.in पर एमएसएमई के तहत 10 करोड़ रुपये तक के आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें, जिसे 145 से अधिक ऋणदाता (बैंक / एनबीएफसी / एसएफबी / फिनटेक) आपके आवेदन तक पहूंच सकें।

First let’s understand MSMEsपहले हम एमएसएमई को समझ लें

MSME (Micro, Small & Medium Enterprises) are classified in two ways :- एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) का वर्गीकरण दो प्रकार से किया जाता है :-

  • Manufacturing Enterprises engaged in the manufacture or production of goods pertaining to any industry or deploying plant and machinery in the process of value addition to the final product having a distinct name or character or use and किसी भी उद्योग से संबंधित माल के निर्माण या उत्पादन में लगे विनिर्माण उद्यम या अंतिम उत्पाद के मूल्य में वृद्धि करने की प्रक्रिया में संयंत्र और मशीनरी की स्थापना, जिसका विशिष्ट नाम या चरित्र या उपयोग हो और
  • Service Enterprises engaged in providing or rendering of services सेवा प्रदान करने या प्रदान करने में लगे सेवा उद्यम

The Manufacturing Enterprise are defined in terms of investment in Plant & Machinery and Service Enterprises are defined in terms of investment in equipment Let’s understand it in a better way विनिर्माण उद्यम को मशीनरी और संयंत्र में उनके निवेश के संदर्भ में परिभाषित किया गया है और सेवा उद्यमों को उपकरणों में उनके निवेश के संदर्भ में परिभाषित किया है। हम इसे बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।

Enterprises उद्यम Manufacturing Sector(Investment in plant & machinery) विनिर्माण क्षेत्र (मशीनरी और संयंत्र में निवेश) Service Sector(Investment in equipment’s) सेवा क्षेत्र (उपकरण में निवेश)
Micro Enterprises सूक्ष्म उद्यम Does not exceed twenty-five lakh rupees पच्चीस लाख रुपये से अधिक नहीं Does not exceed ten lakh rupees दस लाख रुपये से अधिक नहीं
Small Enterprises लघु उद्यम More than twenty-five lakh rupees but does not exceed five crore rupees पच्चीस लाख रुपये से अधिक, किन्तु पांच करोड़ रुपये से अधिक नहीं More than ten lakh rupees but does not exceed two crore rupees दस लाख रुपये से अधिक, किन्तु दो करोड़ रुपये से अधिक नहीं
Medium Enterprises मध्यम उद्यम More than five crore rupees but does not exceed ten crore rupees पांच करोड़ रूपए से अधिक, किन्तु दस करोड़ रुपए से अधिक नहीं More than two crore rupees but does not exceed five crore rupees दो करोड़ रुपये से अधिक, किन्तु पांच करोड़ रुपये से अधिक नहीं
img

Under MUDRA and Stand-Up India, Trading Activities are also Covered. मुद्रा और स्टैंडअप इंडिया के अंतर्गत ट्रेडिंग गतिविधियां भी शामिल की गयी हैं।

Also, according to the latest announcement decision by Cabinet; Government of India (GoI), businesses with revenue of as much as 5 crore shall be called a micro enterprise, those having sales between 5 crore and 75 crore will be viewed as small and those with revenue between 75 crore and 250 crore shall be classified as medium-sized enterprises. Notification is issued once it is passed by parliament. भारत सरकार के मंत्रिमंडल के निर्णय की नवीनतम घोषणा के अनुसार: रु. 5 करोड़ तक के राजस्व वाले व्यवसाय को सूक्ष्म उद्यम और रु.5 करोड़ और रु.75 करोड़ के बीच राजस्व वाले व्यवसाय को लघु उद्यम के रूप में समझा जाएगा और जिनका राजस्व रु.75 करोड़ और रु.250 करोड़ के बीच होगा उन्हें मध्यम आकार के उद्यमियों के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। संसद द्वारा पारित किए जाने के बाद अधिसूचना जारी की जायेगी ।

Ok

Finding Difficult in Filling Application यदि आवेदन भरने में कठिनाई हो रही है

Need not to worry the portal will help finding the correct person / right agency to fill the form on your behalf. All you need is to Click here and fill in basic personal details with request for agency / person (small amount of fees may be charged by the agency / person). This facility is called as HAVE (Handholding in a virtual Environment). कृपया चिंता न करें, पोर्टल आपकी ओर से फार्म भरने के लिए सही व्यक्ति / सही एजेंसी ढूढ़ने में मदद करेगा। आप को सिर्फ यहाँ क्लिक करना है और एजेंसी / व्यक्ति के लिए अनुरोध के साथ आधारभूत व्यक्तिगत विवरण भरना है. ( इस कार्य के लिए एजेंसी / व्यक्ति द्वारा न्यूनतम राशि का शुल्क प्रभारित किया जा सकता है )। इस सुविधा को एचएवीए (आभासी वातावरण में हैंडहोल्डिंग) कहा जाता है।

Online Support

For information Its helpful सूचना के लिए यह मददगार है

We have uploaded some of the bankable project profiles on the portal grouped under industry, MSME classification and loan amount which will help you in preparing Detailed Project Report (DPR) or Techno Economic Viability (TEV). हमने उद्योग, एमएसएमई वर्गीकरण और ऋण राशि के अंतर्गत समूह बनाकर बैंक योग्य परियोजनाएं पोर्टल में डाली है, जो आपको विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अथवा तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता (टीईवी) तैयार करने में मदद करेगा।

Click here for more information अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Subsidies and incentives are provided by the Government of India सब्सिडी और प्रोत्साहन भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता हैं

Various Subsidies and incentives are provided by the Government of India to promote a vibrant business. For any entrepreneur / promoter setting up a new startup or having an established business, it is important to know about these subsidies and incentives which can be availed while incurring capital expenditure to reduce capital cost, lessen interest burden and to achieve break-even faster. So, it’s the right place to गतिशील व्यवसाय के संवर्धन के लिए भारत सरकार द्वारा विभिन्न अनुदान और प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। नए स्टार्टअप की स्थापना अथवा पहले से संस्थापित व्यवसाय वाले किसी भी उद्यमी / प्रवर्तक को इन अनुदानों और प्रोत्साहनों के बारे जानना महत्वपूर्ण है इससे उनको अपनी पूंजीगत लागत कम करने, ब्याज के बोझ को कम करने और शीघ्र ही लाभ-अलाभ की स्थिति को प्राप्त करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। इस के लिए यह उपयुक्त स्थान है।

Click for various subsidy schemes available at both the central level and state level and for SC/ST and women entrepreneurs. केंद्र और राज्य दोनों के स्तर पर और अजा/अजजा और महिला उद्यमियों के लिए उपलब्ध विभिन्न अनुदान योजनाओं के लिए क्लिक करें।

shake hand

No collateral security? कोई संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं

and in need of credit facilities / loanYou should know that for loan to a maximum of 200.00 lakh collateral free coverage can be applied through banks. Government of India and SIDBI have set up the Credit Fund trust for Micro and Small Enterprises (CGTMSE) Also, National Credit Guarantee Trustee Company (NCGTC) has been set up by the Government of India to act as the Trustee to operate the Credit Guarantee Funds for Educational Loans, Skill Developments Loans and any other funds to be set up from time to time. ऋण सुविधा/ ऋण की आवश्यकता के लिए, आप को पता होना चाहिए कि अधिकतम रु.200.00 लाख के लिए संपार्श्विक मुक्त कवरेज के लिए बैंकों के माध्यम से आप आवेदन कर सकते हैं। भारत सरकार और सिडबी ने सूक्ष्म और लघु उद्यमियों (सीजीटीएमएसई) के लिए ऋण निधि ट्रस्ट की स्थापना की है। भारत सरकार ने शिक्षा ऋणों, कौशल विकास ऋणों और समय-समय पर स्थापित किए जाने वाले अन्य निधियों के लिए राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी की भी स्थापना की है।

For More Information Please Click here अधिक सूचना के लिए कृपया यहाँ क्लिक करें

 
Udyog Aadhaar

Udyog Aadhaar (UA) उद्योग आधार (यूए)

MSMEs are required to obtain Udyog Aadhaar (UA) which is for running units. It is not required for upcoming units. For registering yourself as a MSME under Udyog Aadhaar Memorandum(UAM) you can visit Web link: सूक्ष्म, ल्घु एवं मध्यम इकाइयों से अपेक्षित है कि वे इकाइयों के परिचालन के लिए उद्योग आधार (यूए) प्राप्त करें । उभरती इकाइयों के लिए इसकी आवश्यकता नहीं है। उद्योग आधार ज्ञापन के अंतर्गत सूक्ष्म लघु एवं मध्यम इकाइयों के रूप में अपने आप को पंजीकृत करने के लिए निम्नलिखित वेब लिंक में जाएँ :

Click here for Udyog Aadhaar Memorandum(UAM) Registration उद्योग आधार ज्ञापन (यूएएम) पंजीकरण के लिए यहाँ क्लिक करें

Your enquiry (as an applicant, Handholding agency or bankers) can be aptly handled at आवेदक, होल्डिंग एजेंसी अथवा बैंकर के रूप में आपकी पृच्छा को यहाँ समुचित रूप से हैंडल किया जा सकता है

FAQ (Frequently Asked Questions) section click here. अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न अनुभाग के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
 

Facing Liquidity Problems लिक्विडिटी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?

MSMEs face constraints in obtaining adequate finance, particularly in terms of their ability to convert their trade receivables into liquid funds. The problem of timely realization of receivables persists despite the fact that the MSMED Act, 2006 mandates payments to MSMEs be made within 45 days of acceptance of goods and services. एमएसएमई को पर्याप्त वित्त प्राप्त करने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है, खासतौर पर उनके व्यापार प्राप्तियों को तरल निधि में परिवर्तित करने की उनकी क्षमता के संदर्भ में।एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 एमएसएमई को भुगतान जरूरी है , माल और सेवाओं की स्वीकृति के 45 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए। प्राप्तियों के समय पर प्राप्ति की समस्या इस तथ्य के बावजूद बनी हुई है.

TReDS is an online electronic institutional mechanism for facilitating the financing of trade receivables of MSMEs through multiple financiers. The TReDS Platform will enable discounting of invoices/bills of exchange of MSME Sellers against large Corporates including Govt. Departments and PSUs, through an auction mechanism, to ensure prompt realization of trade receivables at competitive market rates. TReDS कई फाइनेंसरों के माध्यम से एमएसएमई के व्यापार प्राप्तियों के वित्तपोषण को सुविधाजनक बनाने के लिए एक ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक संस्थागत तंत्र है। TReDS प्लेटफार्म सरकार सहित बड़े निगमों के खिलाफ एमएसएमई विक्रेताओं के आदान-प्रदान के चालान / बिलों की छूट को विभाग और पीएसयू, एक नीलामी तंत्र के माध्यम से सक्षम करेगा औरप्रतिस्पर्धी बाजार दरों पर व्यापार प्राप्तियों के त्वरित अहसास सुनिश्चित करेगा।

Receivables Exchange of India Ltd (RXIL), is a joint venture promoted by Small Industries Development Bank of India (SIDBI) and National Stock Exchange of India Limited (NSE). RXIL operates the Trade Receivables Discounting System (TReDS) Platform. रिसीवबल एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (आरएक्सआईएल), लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) द्वारा प्रचारित एक संयुक्त उद्यम है। आरएक्सआईएल व्यापार प्राप्य डिस्काउंटिंग सिस्टम (ट्रेड्स) प्लेटफॉर्म संचालित करता है।

MSMEs benefit due to timely payments in a transparent mechanism at very competitive pricing. Assured of timely cash flows ensures better quality of products and processes in the long run for MSME sector प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण में पारदर्शी तंत्र में समय पर भुगतान के कारण एमएसएमई का लाभ होता है। समय पर नकदी प्रवाह के आश्वासन से एमएसएमई क्षेत्र के लिए लंबे समय में उत्पादों और प्रक्रियाओं की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती है

Facing Liqudity Problems

All the best for entrepreneurial journey! उद्यमिता यात्रा के लिए शुभकामनाएँ